प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में डीएमएफ की शासी परिषद की बैठक

रायपुर। खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से रायपुर जिले में 109 करोड़ के 734 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा 129 कार्य प्रगतिरत हैं। न्यास के तहत वर्ष 2016 से अब तक जिले में 124 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है। यह जानकारी आज प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री रविंद्र चौबे की अध्यक्षता में आज डीएमएफ के शासी परिषद की बैठक में दी गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के लगभग 5 करोड के 10 स्वीकृत कार्यों का भी अनुमोदन किया गया। श्री चौबे ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से पारदर्शिता पूर्ण करें, जिससे विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 या अन्य कारणों से मृतक शासकीय सेवकों के वारिसों को शासन के नियमानुसार अतिशीघ्र नियुक्ति प्रदान करें। अनुकंपा नियुक्ति के संबंधित प्रकरणों को लंबित नही रखा जाएं।

बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया, विधायकगण सर्व श्री विकास उपाध्याय, कुलदीप जुनेजा, सत्यनारायण शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, धनेंद्र साहू, श्रीमती अनीता शर्मा सहित कलेक्टर श्री सौरभ कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री प्रभात मलिक, डीएफओ श्री विशवेश कुमार तथा संबंधित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

श्री चौबे ने खाद, बीज एवं उर्वरक के भंडारण, वितरण की स्थिति, बुवाई, रोपाई की स्थिति, डीलरों पर की गई कार्यवाही एवं निरीक्षण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारी से कहा कि कृषि आदानों की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। किसानों को सही खाद, बीज वाजिब कीमत पर मिलनी चाहिएं। उन्होंने गौठानों को आत्मनिर्भर बनाने तथा गौठानों में चारागाह विकास पर जोर दिया। उन्होंने गोबर खाद्, वर्मी कंपोस्ट, सुपर कंपोस्ट के उपयोग के लिए नागरिकों एवं किसानों को प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने पौधा तुंहर द्वार अभियान के तहत नागरिकों को अधिक से अधिक पौधे उनके घर तक पहुंचाने के निर्देश दिए तथा वन विभाग द्वारा कराए जा रहें प्लांटेशन के लिए जैविक खाद के उपयोग पर जोर दिया।

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श्री चौबे ने कोविड 19 की तीसरी लहर की संभावनाओं को रोकने के लिए डीएमएफ की राशि का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं पर करने को कहा। उन्होंने बरसात में होने वाले मौसमी बीमारी से बचाव के लिए व्यापक कार्य करने और जन-जागरूकता बढ़ाने को कहा। उन्होंने रायपुर के केनाल रोड में अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त होने पर राजस्व एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को संयुक्त टीम बनाकर सर्वे पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

श्री चौबे ने शिक्षा विभाग के अधिकारी से आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, ऑनलाइन कक्षाएं, मोहल्ला क्लास, महतारी दुलारी योजना तथा महिला बाल विकास अधिकारी से रेडी टू ईट, खाद्य विभाग अधिकारी से पीडीएस तथा माइनिंग विभाग के अधिकारी से रेत के अवैध भंडारण एवं उत्खनन की रोकथाम की जानकारी ली। उन्होंने माइनिंग विभाग के अधिकारियों से इस कृत्य में संलग्न लोंगो के गाड़ी जप्त कर कड़ी कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों कहा कि क्षेत्रीय विधायकों को उनके क्षेत्र में होने वाले कार्यो की जानकारी आवश्यक रूप से दें तथा उनके द्वारा दिए गए विकास प्रस्तावों को कार्य योजना में शामिल करें।

बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया ने गौठानों में अतिक्रमण को हटाने पे जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना पर के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को लाभांवित करने को कहा तथा सभी विकासखंडों में शासकीय जमीन पर वृक्षारोपण कराने कहा।

आज कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा समीक्षा के उपरांत कृषि विभाग की समीक्षा में जानकारी दी कि रायपुर जिले में 1,21,257 हेक्टेयर में बोनी का कार्य हो चुका है जो कि फसल क्षेत्राच्छादन लक्ष्य 1,64,514 हेक्टेयर का 74 प्रतिशत् है। जिले के सहकारी समितियों एवं निजी संस्थान में बीज का 56 हजार 570 क्वि. लक्ष्य के विरूद्ध 50 हजार 871 क्वि. का भण्डारण कर 45 हजार 871 विव. बीज का वितरण किया जा चुका है जो कि लक्ष्य का 81 प्रतिशत् है। इसी तरह जिले में 5000.42 किवंटल बीज आज की स्थिति में भी उपलब्ध है। इसी तरह रासायनिक उर्वरक का 67 हजार मि.टन के विरूद्ध  46 हजार 209 मि.टन का भण्डारण कर 31 हजार 185 मि.टन का वितरण किया जा चुका है। 15 हजार 24 मि.टन उर्वरक जिले में शेष है।

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उप संचालक कृषि ने बताया कि वर्तमान में रायपुर जिले में रासायनिक उर्वरक की कोई कमी नहीं है। निकट भविष्य में कोरोमण्डल, इफ्को, पी.पी.एल., एन.एफ.एल. के रैक क्रमशः तिल्दा, सिलतरा, सिलयारी एवं मंदिरहसौद में लगने वाले हैं जिससे जिले को यूरिया एवं डी.ए.पी. के 4600 मि.टन खाद भण्डारण हो जाएगा, जिससे निरंतर रूप से उर्वरक कृषकों को उपलब्ध होता रहेगा।

उप संचालक कृषि ने बताया कि रायपुर जिले में उर्वरक के गुण नियंत्रण हेतु 53 नमूना लिया गया है। रासायनिक उर्वरक, बीज एवं कीटनाशी के गुण नियंत्रण हेतु परिसर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाये जाने पर 1 उर्वरक अनुज्ञप्तिधारी को निलंबित किया गया एवं 1 के विक्रय पर रोक लगाई गई है। सहकारी समिति एवं निजी संस्थान का निरीक्षण करने पर कमियां पाये जाने पर 89 सहकारी समिति व 27 निजी संस्थान को नोटिस जारी किया गया है।

इसी प्रकार बीज का 103 नमूना लेकर गुण नियंत्रण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है। बीज विक्रेता परिसर के निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाये जाने पर 3 बीज अनुज्ञप्तिधारी को निलंबित किया गया एवं 1 को नोटिस दिया गया है। कीटनाशी विक्रेता परिसर के निरीक्षण उपरांत अनियमितता पाये जाने पर 3 विक्रेताओं का अनुज्ञप्ति पत्र निलंबन किया गया है।

जिले में कुल 189 गोठानों में 38415 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट एवं 25250 क्वि. सुपर कम्पोस्ट का उत्पादन हुआ है। इसमें से 32909 क्वि. वर्मी कम्पोस्ट एवं 6260 क्वि. सुपर कम्पोस्ट का विक्रय किया गया है। विक्रय से महिला स्व सहायता समूह को वर्मी कम्पोस्ट से 3 करोड़ 28 लाख एवं सुपर कम्पोस्ट से 37 लाख 56 हजार का लाभ प्राप्त होगा। वर्मी कम्पोस्ट के 451 नमूना एवं सुपर कम्पोस्ट के 30 नमूना लेकर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।

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