कोंडागांव। इंसान अपने शरीर से दिव्यांग हो सकता है, मगर हौंसलों से नहीं, ये कर दिखाया है एक 13 वर्षीय दिव्यांग बालिका राजेश्वरी ने, हाथ-पैर काम नहीं करते, फिर वह हर वो काम कर रही है जो कि सही-सलामत हाथ-पैरों वाले लोग भी नहीं कर पाते । फिर भी वो पैरों के सहारे कंचे खेलने के साथ रंगोली, पेंटिंग में निपूर्ण है । यही नहीं पैरों से लिखती है, साथ ही बालिका को गाना गाने का भी शौक है और गाना भी अच्छा गा लेती है । साथ ही गाना अपने दोस्तों को भी सिखाती है । आज हुई रंगोली प्रतियोगिता में उसने अपने पैरों से इतनी अच्छी रंगोली बनाई की । जो बच्चे अपने हाथ से रंगोली बना रहे थे वे भी दंग रह गए । साथ ही पहला पुरस्कार भी
जीता है ।
- रायपुर: राज्य सेवा से IAS बने 8 अधिकारियों की मुख्यमंत्री से भेंट, जमीनी चुनौतियों पर चर्चा
- सुकमा: 78 साल बाद गोगुंडा में जली बिजली, लाल आतंक के साये से बाहर निकला गांव
- रायपुर-खरोरा मार्ग पर यात्री बस में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे 40 यात्री
- बस्तर पांडुम 2026: अमित शाह ने देखा जनजातीय गौरव, पर जमीनी स्तर पर कलाकारों को बाजार का इंतजार
- बिलासपुर में 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा: छत्तीसगढ़ ने जीता दोहरा स्वर्ण
- दुर्ग में इडली-डोसा बेचने वाले निकले शातिर चोर, 8 इलाकों में दी दबिश, 7 लाख का माल बरामद
- धमतरी, बलौदाबाजार और बिलासपुर में 4 नए रजिस्ट्री दफ्तर: अब नहीं काटने होंगे जिला मुख्यालय के चक्कर
- छत्तीसगढ़ का ‘स्पेस मिशन’: नवा रायपुर में खुला पहला अंतरिक्ष केंद्र, अब हर जिले में होंगे ‘अंतरिक्ष संगवारी’
- रायपुर में 37वीं फेडरेशन कप वॉलीबॉल शुरू, सीएम साय ने अंत तक देखा कांटे का मुकाबला
- जगदलपुर-दुर्ग इंटरसिटी: 6 साल से पटरी से उतरी उम्मीदें, बस्तर की जेब पर भारी पड़ रहा सफर