WhatsApp Group

महासमुंद 10 जून 2021

फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने कृषि आदान सहायता हेतु राजीव गांधी किसान न्याय योजना में महासमुन्द निवासी किसान श्री संजय चन्द्राकर अब अपने खेत में धान के बदले पपीता, अदरक एवं हल्दी लगाने की तैयारी की है। इसके लिए उन्होंने खेत में नर्सरी भी बना ली है। जून के अंतिम सप्ताह में पौधा रोपण की तैयारी करेंगें। यह बात बुधवार को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा वर्चुअल कार्यक्रम में जिले के विकास एवं निर्माण कार्यो के लोकार्पण, भूमि-पूजन के मौके पर मुख्यमंत्री से बात करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री श्री बघेल के पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके पास पचेड़ा में 6 एकड़ कृषि भूमि है। पिछले साल उन्होंने खेत में धान की फसल ली थी। लेकिन अब वें धान के बदले पपीता, अदरक एवं हल्दी की खेती करने की तैयारी कर ली है। इसमें मेहनत कम और आय ज्यादा है। इस कारण इस काम को अपनाया है।

इसे भी पढ़ें  वन शहद, आर्गेनिक बस्तर काजू, चिरौंजी, महुआ लड्डू जैसे 23 उत्पाद अब अमेजन पर ’छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के नाम से उपलब्ध

    मुख्यमंत्री श्री बघेल उनके इस कार्य की प्रशंसा की और कहा कि धान के बदले कोदो-कुटकी करना, मक्का, सोयाबीन, दलहन-तिलहन के आलावा केला, पपीता आदि लगाता है, तो उन्हें प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता राशि तीन वर्षों तक दी जाएगी। कृषक श्री चन्द्राकर ने कहा इसके लिए उन्हें उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से सतत् मार्गदर्शन प्राप्त होते रहता है। पूर्व में वे धान की पैदावार करते थेें तो उन्हें अधिक लाभ प्राप्त नहीं हो पाता था। उद्यानिकी फसल लेने के उपरांत उन्हें अधिक मुनाफा होता है। वे अपने खेत में सिंचाई के लिए ट्यूबवेल सहित स्प्रिंकलर पाईप भी लगायें है। जिससे पानी का सही सदुपयोग होता है। उन्होंने किसानों के हित के लिए अनेक योजनाएं संचालित करने पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का धन्यवाद व्यक्त किया है।

इसे भी पढ़ें  राम वनगमन पथ मार्ग पर महासमुंद के ग्राम पीढ़ी में निर्मित उपवन का किया गया लोकार्पण