रायगढ़, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल में विचरण कर रहे गोतमी हाथी दल ने बुधवार की रात गांव में उत्पात मचाया. दस हाथियों के दल ने कापू वन परिक्षेत्र के कुमरता बीट के उपरसलखेता गांव में पहुंचकर ग्रामीणों के सात घर तोड़ दिए.
हाथियों ने ग्रामीणों के घरों में रखे धान को खाने के लिए घर तोड़े. ग्रामीणों को हाथियों के आने की जानकारी मिलते ही सभी घरों से बाहर आ गए थे. लेकिन, हाथी काफी देर तक गांव में रहे और धान खाते रहे.
वनकर्मी और ग्रामीण हाथियों को भगाने का प्रयास करते रहे, लेकिन हाथी धान खाने गांव में ही रहे. बाद में देर रात हाथी ग्रामीणों के धान के खेतों में भी घुस गए और फसल को नुकसान पहुंचाया.
सुबह वन विभाग ने नुकसान का आकलन किया ताकि मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जा सके.
वनकर्मियों ने बताया कि गोतमी दल में एक नर, पांच मादा हाथी और चार शावक हैं. धरमजयगढ़ वन मंडल में 47 हाथी विचरण कर रहे हैं.
वनकर्मियों का कहना है कि कापू रेंज के कई गांव जंगल के पास हैं. ऐसे में रात होने पर हाथी बस्ती तक पहुंच जाते हैं और धान की खुशबू पाकर उसे खाने के लिए घरों को तोड़ते हैं.
वन विभाग ने ग्रामीणों को हाथियों के आने की जानकारी देने के लिए पैदल जाकर मुनादी करवाई जाती है ताकि जनहानि न हो.
धरमजयगढ़ वन मंडल के डीएफओ अभिषेक जोगावत ने बताया कि गोतमी दल आक्रमक नहीं है और वनकर्मी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं.











