सुकमा जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। 1 महिला सहित 5 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण किया है। इनमें 2 पुरुष नक्सली पर राज्य सरकार द्वारा ईनाम घोषित है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली:
- पोडिय़ाम बुधरी (मेहता आरपीसी केएएमएस सदस्या)
- मल्लम देवा (गोलापल्ली एलओएस सदस्य, ईनामी 01 लाख रूपये)
- करटम हड़मा (सिंगाराम आरपीसी डीएकेएमस अध्यक्ष, ईनामी 01 लाख रूपये)
- माड़वी जोगा (सिंगाराम आरपीसी मिलिशिया सदस्य)
- दूधी जोगा (अरलमपल्ली पंचायत सीएनएम उपाध्यक्ष)
किसने किया प्रोत्साहित?
- पोडिय़ाम बुधरी को डीआरजी अल्फा टीम ने आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित किया।
- मल्लम देवा और माड़वी जोगा को डीआरजी फॉक्स टीम ने आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित किया।
- कट्टम हड़मा को नक्सल सेल आसूचना शाखा सुकमा ने आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित किया।
- दूधी जोगा को 131 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा ने आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित किया।
नक्सली गतिविधियाँ:
ये सभी सदस्य प्रतिबंधित नक्सल संगठन में शामिल होकर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गों पर स्पाईक/बम लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरुद्ध बैनर, नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाने एवं अन्य घटनाओं में शामिल रहे हैं। दूधी जोगा के विरुद्ध थाना पोलमपल्ली में अपराध के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है।
सहायता और सुविधाएँ:
आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएँ दी जाएंगी।