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छत्तीसगढ़: पैंगोलिन तस्करी में 4 गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
छत्तीसगढ़: पैंगोलिन तस्करी में 4 गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

जगदलपुर में एक बड़ी कार्रवाई में, छत्तीसगढ़ वन विभाग ने पैंगोलिन तस्करी करते हुए चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह घटना जगदलपुर के करपावण्ड वन परिक्षेत्र से लगे उड़ीसा बॉर्डर पर हुई, जहाँ वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी।

सूचना मिलने पर, वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उड़ीसा बॉर्डर पर घेराबंदी कर दी। इस घेराबंदी में चारों तस्करों को धर दबोचा गया। तस्करों के पास से एक जीवित पैंगोलिन भी बरामद किया गया, जो जूट के थैले में छिपाया गया था।

वन विभाग ने बताया कि तस्कर इस पैंगोलिन को ओडिशा से लेकर छत्तीसगढ़ में बेचने की योजना बना रहे थे। पैंगोलिन एक संरक्षित वन्य प्राणी है, और इसकी तस्करी और व्यापार कानूनन अपराध है।

पैंगोलिन: एक विलुप्तप्राय जीव

पैंगोलिन एक विलुप्तप्राय जीव है, जिसे भारत में सल्लू सांप के नाम से भी जाना जाता है। यह ज्यादातर एशिया और अफ्रीका में पाया जाता है। इसकी डिमांड चीन में सबसे ज्यादा है, जहाँ इसका मांस और खाल दवाई बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों रुपए में होने के कारण, इसकी तस्करी जमकर की जाती है।

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इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) के मुताबिक, दुनियाभर में वन्य जीवों की अवैध तस्करी के मामले में अकेले ही 20 फीसदी योगदान पैंगोलिन का है।

पैंगोलिन संरक्षण की आवश्यकता

यह घटना हमें पैंगोलिन संरक्षण के लिए जागरूक करती है। पैंगोलिन एक महत्वपूर्ण जीव है जो प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हमें इन विलुप्तप्राय जीवों की सुरक्षा के लिए कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। वन विभाग की यह कार्रवाई प्रशंसनीय है और इससे अंतरराज्यीय तस्करी रोकने में मदद मिलेगी।