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शिकागो में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया: NACHA के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ने किया गौरवान्वित
शिकागो में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया: NACHA के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ने किया गौरवान्वित

शिकागो में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया: NACHA के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ने किया गौरवान्वित

हाल ही में शिकागो में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रवासी भारतीय संघ ‘नॉर्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन’ (NACHA) के तीसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की पहचान दुनिया भर में कितनी ऊँची है। 2 अगस्त को आयोजित इस सम्मेलन में अमेरिका और दुनिया के कोने-कोने से आए छत्तीसगढ़ी प्रवासी भारतीयों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह सम्मेलन सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच था जहाँ वैश्विक नेटवर्किंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ, छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया गया।

मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यपाल ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा

सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन से कार्यक्रम में एक अलग ही रौनक आ गई। राज्यपाल जी ने NACHA के उन प्रयासों की खुलकर तारीफ़ की, जिनसे वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ी एनआरआई समुदाय को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने सभी प्रवासी छत्तीसगढ़ियों से राज्य सरकार के साथ जुड़ने और छत्तीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया। यह एक ऐसा संदेश था जो हर छत्तीसगढ़ी के दिल को छू गया।

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युवा प्रतिभाओं को मिला सम्मान

इस ख़ास अवसर पर 18 एनआरआई बच्चों को उनके शैक्षणिक उपलब्धियों और सामुदायिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार स्वयं राज्यपाल जी के हाथों प्रदान किए गए, जिससे इन बच्चों के चेहरों पर गर्व और खुशी की चमक साफ़ झलक रही थी। यह सम्मान सिर्फ़ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है जो आने वाली पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

NACHA के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स

NACHA ने सम्मेलन में अपने अहम प्रोजेक्ट्स के बारे में भी बताया। प्रोजेक्ट उड़ान, जो कॉलेज के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करता है, और छत्तीसकोश, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा देना है, ने सभी का ध्यान खींचा। इसके अलावा, NACHA की वित्तीय जानकारी और सदस्यता प्रक्रिया की भी जानकारी साझा की गई, जिससे प्रवासियों को संगठन से जुड़ने में आसानी होगी। यह पारदर्शिता और सहभागिता का एक बेहतरीन उदाहरण है।

कुल मिलाकर, यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण था। यह एक ऐसा आयोजन था जिसने न सिर्फ़ प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को एक मंच पर लाया, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति और विरासत को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।

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