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AI Iimage. Only for representation बिलासपुर: ड्यूटी से गायब 10 स्वास्थ्य कर्मचारियों पर गिरी गाज, CMHO डॉ. शुभ्रा गढ़ेवाल के औचक निरीक्षण से विभाग में हड़कंप
AI Iimage. Only for representation बिलासपुर: ड्यूटी से गायब 10 स्वास्थ्य कर्मचारियों पर गिरी गाज, CMHO डॉ. शुभ्रा गढ़ेवाल के औचक निरीक्षण से विभाग में हड़कंप

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग के भीतर अनुशासनहीनता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शुभ्रा गढ़ेवाल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में जिला मलेरिया कार्यालय की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है, जहां अटेंडेंस लगाकर 10 कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

14 में से मात्र 4 कर्मचारी मिले उपस्थित

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिला मलेरिया कार्यालय में कुल 14 कर्मचारी पदस्थ हैं, लेकिन मौके पर केवल 4 ही मौजूद थे। शेष 10 कर्मचारियों ने रजिस्टर में हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन वे बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय से गायब थे। CMHO डॉ. शुभ्रा गढ़ेवाल ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

आधार बेस्ड हाजिरी और समय की पाबंदी के निर्देश

डॉ. गढ़ेवाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे जनता से जुड़ी होती हैं और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से आधार बेस्ड उपस्थिति (Aadhar-based attendance) दर्ज कराने और निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचने की सख्त हिदायत दी है।

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गर्भवती महिलाओं को न किया जाए बेवजह रेफर

जिला मलेरिया कार्यालय के बाद डॉ. गढ़ेवाल ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) सागर का भी जायजा लिया। वहां उन्होंने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने देखा कि अक्सर छोटी-छोटी बातों पर गर्भवती महिलाओं को 25 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल या सिम्स (CIMS) रेफर कर दिया जाता है।

अधिकारियों को दिए गए मुख्य निर्देश:

  • PHC में 24 घंटे प्रसूति (Delivery) सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
  • गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगे।
  • स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था हो ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आए।
  • आवश्यक दवाओं और उपकरणों का स्टॉक हमेशा अपडेट रहे।

निरीक्षण दल में शामिल रहे आला अधिकारी

इस औचक निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ के साथ नोडल अधिकारी डॉ. रक्षित जोगी, डॉ. सौरभ शर्मा और अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में सरकारी काम में ढिलाई बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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