रायपुर/सरगुजा: छत्तीसगढ़ में शासन की उद्यानिकी प्रोत्साहन योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। प्रदेश के किसान अब पारंपरिक धान की खेती की सीमाओं को लांघकर आधुनिक और अधिक लाभ देने वाली फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। सरगुजा जिले के भगवानपुरखुर्द निवासी किसान लाल बहादुर सिंह ने स्ट्रॉबेरी की खेती अपनाकर न केवल अपनी आर्थिक तस्वीर बदली है, बल्कि वे अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं।
धान की तुलना में तीन गुना अधिक मुनाफा
किसान लाल बहादुर सिंह ने बताया कि पहले वे केवल धान की खेती करते थे, जिसमें लागत और मेहनत के मुकाबले मुनाफा काफी सीमित था। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की। उनके अनुसार:
- स्ट्रॉबेरी की लागत: ढाई एकड़ में लगभग ₹2 लाख।
- अनुमानित आय: लगभग ₹9 लाख।
- शुद्ध लाभ: करीब ₹7 लाख।
इसके विपरीत, यदि वे इसी जमीन पर धान की खेती करते, तो उन्हें महज ₹2 लाख के आसपास का शुद्ध लाभ मिलता। इस तरह स्ट्रॉबेरी ने उनकी कमाई को तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा दिया है।
छोटे क्षेत्र से की थी शुरुआत
लाल बहादुर सिंह की सफलता रातों-रात नहीं आई। उन्होंने इसकी शुरुआत मात्र 50 डिसमिल जमीन से की थी। पहले साल मिले अच्छे परिणाम के बाद उन्होंने अगले वर्ष इसे 1 एकड़ और अब चौथे वर्ष में बढ़ाकर ढाई एकड़ कर दिया है।
शासन की सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन
छत्तीसगढ़ सरकार की उद्यानिकी योजनाओं ने इस सफर को और आसान बना दिया है। श्री सिंह ने बताया कि:
- सब्सिडी का लाभ: उन्हें खाद, बीज और पौधों के लिए लगभग 80 से 85 हजार रुपये की सब्सिडी डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से मिलेगी।
- तकनीकी सलाह: उद्यानिकी विभाग के अधिकारी समय-समय पर खेत का निरीक्षण करते हैं और आधुनिक खेती के गुर सिखाते हैं।
- क्वालिटी प्रोडक्शन: सही मार्गदर्शन मिलने से उत्पादन की गुणवत्ता बेहतरीन रहती है, जिससे बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार
अपनी आत्मनिर्भरता और सफलता का श्रेय शासन की योजनाओं को देते हुए लाल बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन के सहयोग से आज प्रदेश का अन्नदाता सशक्त और उन्नत बन रहा है। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं।











