WhatsApp Group

रायपुर में 37वीं फेडरेशन कप वॉलीबॉल शुरू, सीएम साय ने अंत तक देखा कांटे का मुकाबला
रायपुर में 37वीं फेडरेशन कप वॉलीबॉल शुरू, सीएम साय ने अंत तक देखा कांटे का मुकाबला

वीआईपी कल्चर को पीछे छोड़, मैच खत्म होने तक डटे रहे मुख्यमंत्री

राजधानी के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आज एक अलग नज़ारा दिखा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न केवल 37वीं फेडरेशन कप वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन किया, बल्कि प्रोटोकॉल को दरकिनार कर तमिलनाडु और सर्विसेज के बीच हुए पूरे मैच का आनंद लिया। जमीनी हकीकत यह है कि छत्तीसगढ़ में अक्सर बड़े नेता उद्घाटन कर तुरंत निकल जाते हैं, लेकिन सीएम का मैच के अंत तक रुकना स्थानीय खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने वाला संकेत माना जा रहा है।

ग्राउंड पर मौजूद वॉलीबॉल खिलाड़ी राकेश ध्रुव (धमतरी) का कहना है, “जब मुखिया खुद मैच देखता है, तो लगता है कि राज्य में खेलों के दिन फिरने वाले हैं। बस उम्मीद है कि यह उत्साह केवल बड़े आयोजनों तक सीमित न रहकर गाँवों के खेल मैदानों तक भी पहुँचे।

पदक पर करोड़ों की बौछार: खेल अधोसंरचना का सवाल

मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि ओलंपिक में स्वर्ण जीतने वाले राज्य के खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन हाइपरलोकल इम्पैक्ट की बात करें तो रायपुर और भिलाई जैसे शहरी केंद्रों को छोड़कर बाकी जिलों में आज भी सिंथेटिक कोर्ट और पेशेवर कोच की भारी कमी है।

  • बस्तर और सरगुजा: बस्तर ओलंपिक के माध्यम से प्रतिभाएं तो सामने आ रही हैं, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय स्तर की फेडरेशन कप जैसी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने हेतु ब्लॉक स्तर पर अकादमियों की दरकार है।
  • महिला खिलाड़ी: महिला वर्ग में 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। छत्तीसगढ़ की बेटियों के लिए रेलवे और इंडियन यूनिवर्सिटी जैसी बड़ी टीमों के साथ खेलना एक बड़ा एक्सपोजर है।
इसे भी पढ़ें  रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल करेंगे पीस हाॅफ मैराथन का शुभारंभ

ऐतिहासिक संदर्भ: खेल अलंकरण की वापसी और बस्तर ओलंपिक

राज्य में पिछले कुछ वर्षों से खेल अलंकरण सम्मान बंद था, जिसे इस सरकार ने पुनर्जीवित किया है। यह कदम उन खिलाड़ियों के लिए संजीवनी जैसा है जो आर्थिक तंगी के कारण खेल छोड़ रहे थे। पैटर्न रिकग्निशन देखें तो बस्तर ओलंपिक में भागीदारी का आंकड़ा 1.65 लाख से बढ़कर 4 लाख पहुँचना बताता है कि राज्य के सुदूर वनांचलों में खेल की भूख है, बस उसे सही मंच की तलाश थी।

प्रतियोगिता की खास बातें (3-8 फरवरी)

  • प्रतिभागी टीमें: पुरुष वर्ग में 10 (रेलवे, सर्विसेज आदि) और महिला वर्ग में 6 टीमें।
  • प्रमुख आकर्षण: भारतीय टीम के लिए खेल चुके अंतरराष्ट्रीय सितारों का जमावड़ा।
  • पुरस्कार राशि: ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए 1 से 3 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • आयोजक: छत्तीसगढ़ वॉलीबॉल एसोसिएशन (अध्यक्ष: महेश गागड़ा)।

खेल प्रेमियों के लिए सूचना

अगर आप वॉलीबॉल के रोमांच का अनुभव करना चाहते हैं, तो 8 फरवरी तक बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, रायपुर में प्रवेश निःशुल्क है। शाम के सत्रों में राष्ट्रीय स्तर के मैचों का सीधा लुत्फ उठाएं।

इसे भी पढ़ें  ओलंपिक के लिए सोचना होगा : नोवाक जोकोविच

Leave a comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *