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रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में बिजली बिल माफी के नाम पर ठगी, 'मोर बिजली' ऐप ही एकमात्र विकल्प
रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में बिजली बिल माफी के नाम पर ठगी, 'मोर बिजली' ऐप ही एकमात्र विकल्प

मुख्यमंत्री बिजली बिल योजना: साइबर ठगों के जाल से बचें, सावधानी ही बचाव है

छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी (CSPDCL) ने प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। वर्तमान में राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ के क्रियान्वयन के बीच साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। ये ठग फर्जी लिंक और व्हाट्सएप संदेशों के जरिए उपभोक्ताओं के बैंक खाते खाली करने की कोशिश कर रहे हैं।

पावर कंपनी के एमडी श्री भीम सिंह ने स्पष्ट किया है कि कंपनी किसी भी उपभोक्ता को व्यक्तिगत रूप से कोई एपीके (APK) फाइल या भुगतान के लिए संदिग्ध वेब लिंक नहीं भेजती है। यदि आपको किसी अनजान नंबर से बिजली बिल माफी या कनेक्शन कटने का संदेश आता है, तो वह धोखाधड़ी का प्रयास हो सकता है।

जमीनी हकीकत: सरकारी दावों और साइबर ठगी का खेल

36khabar.com की टीम ने जब रायपुर के गुढ़ियारी और दुर्ग के भिलाई क्षेत्र में ग्राउंड रिपोर्टिंग की, तो पाया कि कई ग्रामीण और बुजुर्ग उपभोक्ता ‘स्मार्टफोन’ के दौर में इन फर्जी संदेशों का आसानी से शिकार हो रहे हैं।

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धमतरी जिले के ग्राम कंडेल निवासी किसान धनीराम साहू बताते हैं, “मेरे पास एक व्हाट्सएप मैसेज आया था जिसमें लिखा था कि 500 रुपये जमा करने पर पिछला पूरा बिल माफ हो जाएगा। जब मैं बिजली ऑफिस गया तो पता चला कि वह फर्जी था।” यह केवल धनीराम की कहानी नहीं है; बस्तर से लेकर सरगुजा तक, साइबर ठगों ने मुख्यमंत्री योजना के नाम का सहारा लेकर लोगों को गुमराह करना शुरू कर दिया है। सच्चाई यह है कि सरकार केवल CSPDCL-S सेंडर आईडी से ही आधिकारिक सूचना भेजती है।

जिला-वार प्रभाव और विशेष सावधानी

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में ठगी के तरीके भी अलग-अलग देखे जा रहे हैं:

  • शहरी क्षेत्र (रायपुर, बिलासपुर, भिलाई): यहाँ ठग ‘डिस्कनेक्शन नोटिस’ का डर दिखाकर ऐप डाउनलोड करवाते हैं।
  • औद्योगिक क्षेत्र (कोरबा, रायगढ़): यहाँ मजदूरों को ‘सब्सिडी’ और ‘बिल हाफ योजना’ के बोनस का लालच दिया जा रहा है।
  • ग्रामीण व आदिवासी अंचल (बस्तर, कांकेर): यहाँ फर्जी एजेंट बनकर लोग गांवों में घूम रहे हैं और ‘नकद’ वसूली की कोशिश कर रहे हैं।
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नोट: किसी भी स्थिति में किसी भी मैदानी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति को नकद भुगतान न करें। 2023 के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 60 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण जोखिम में है।

ऐतिहासिक संदर्भ और पैटर्न की पहचान

यह पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ में बिजली योजनाओं को निशाना बनाया गया है। साल 2022-23 में जब ‘हाफ बिजली बिल योजना’ का विस्तार हुआ था, तब भी राजनांदगांव और जांजगीर-चांपा जिलों में सैकड़ों लोगों के साथ ‘स्क्रीन शेयरिंग ऐप’ (जैसे Anydesk) के जरिए ठगी हुई थी। ठग हमेशा नई सरकारी योजनाओं के नाम का उपयोग करते हैं क्योंकि लोग उन पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं।

सुरक्षित रहने के लिए क्या करें? (एक्शन प्लान)

यदि आप मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो केवल इन अधिकृत माध्यमों का उपयोग करें:

  • मोर बिजली ऐप (More Bijli App): इसे केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।
  • एटीपी (ATP) सेंटर्स: शहरों में लगे ऑटोमैटिक टेलर फॉर पेमेंट्स मशीनों पर ही भुगतान करें।
  • विद्युत कार्यालय: अपने नजदीकी कनिष्ठ अभियंता (JE) या सहायक अभियंता (AE) कार्यालय में जाकर रसीद प्राप्त करें।
  • हेल्पलाइन: किसी भी संदेह की स्थिति में तत्काल टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल करें।
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निष्कर्ष: आपकी सतर्कता ही आपकी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रख सकती है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना अपने घर की चाबी चोर को देने जैसा है।

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