Kanger Valley Green Cave: छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और रहस्यों के लिए जाना जाता है। अब कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। यहां एक अद्भुत “ग्रीन गुफा” (Green Cave) की खोज की गई है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगी।
क्यों खास है यह ‘ग्रीन गुफा’?
यह अनोखी गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। इसका नाम ‘ग्रीन गुफा’ इसकी दीवारों और छत पर जमी सूक्ष्मजीवी (Microbial) परतों के कारण पड़ा है। चूने की आकृतियों (Stalactites) पर हरे रंग की यह परत गुफा को एक जादुई और रहस्यमयी लुक देती है।
गुफा के भीतर का नजारा: कुदरत की बेजोड़ कलाकारी
- अनोखी बनावट: यह गुफा चूना पत्थर (Limestone) और शैल से निर्मित है।
- विशाल कक्ष: गुफा के भीतर प्रवेश करते ही एक बड़ा हॉल या कक्ष दिखाई देता है।
- चमकदार पत्थर: यहां विशाल स्टैलेक्टाइट्स और ‘फ्लो-स्टोन’ (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) मौजूद हैं, जो रोशनी पड़ने पर चमकते हैं।
- रोमांचक रास्ता: गुफा तक पहुँचने के लिए पर्यटकों को बड़े-बड़े पत्थरों और घने जंगलों के बीच से गुजरना होगा, जो ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए बेहतरीन अनुभव होगा।


पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के अनुसार, इस गुफा के पर्यटन मानचित्र पर आने से कांगेर घाटी में सैलानियों की संख्या बढ़ेगी। इससे न केवल बस्तर की पहचान विश्व स्तर पर मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
कब खुलेगी गुफा?
वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। पर्यटकों की सुविधा के लिए:
- पहुंच मार्ग और पैदल पथ (Walking trail) तैयार किया जा रहा है।
- जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास कार्य प्रगति पर है।
- प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवासन और अरुण पांडे के अनुसार, तैयारियां पूरी होते ही इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।











