छत्तीसगढ़: फिंगेश्वर में नशीली दवाओं का अवैध कारोबार, खाद्य एवं औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई
गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई तब हुई जब विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि पूजा मेडिकल स्टोर से नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई की जा रही है और नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
गुप्त छापा और चौंकाने वाला खुलासा
विभाग के नियंत्रक के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने गुरुवार को पूजा मेडिकल स्टोर पर औचक छापा मारा। औषधि निरीक्षक धर्मवीर सिंह ध्रुव और सतीश सोनी के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। छापे के दौरान स्टोर में बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं का स्टॉक पाया गया, जिसके लिए कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं थे। यही नहीं, कई दवाओं की एक्सपायरी डेट भी निकल चुकी थी, फिर भी उन्हें बिक्री के लिए रखा गया था – यह औषधि नियंत्रण अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है।
नियमों की धज्जियां उड़ाता कारोबार
जांच में यह भी पाया गया कि स्टोर में नशीली दवाओं की बिक्री के लिए अनिवार्य बिक्री रजिस्टर, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। बिक्री रिकॉर्ड का रखरखाव भी बेहद लापरवाही से किया गया था। स्टोर के स्टाफ से पूछताछ करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। टीम ने पूरी कार्रवाई का पंचनामा तैयार किया और जब्त दवाओं की सूची बनाई। स्टोर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कठोर कार्रवाई की चेतावनी
औषधि निरीक्षक धर्मवीर सिंह ध्रुव ने बताया कि अगर संचालक का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द करना और कानूनी प्रक्रिया शामिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई जिले में अवैध नशीली दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए एक कदम है। सतीश सोनी ने इस अवैध कारोबार के युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव पर भी चिंता व्यक्त की।
आगे का रास्ता और जनता की भूमिका
यह कार्रवाई फिंगेश्वर में चर्चा का विषय बन गई है। जबकि कई लोग इसे एक सराहनीय कदम मान रहे हैं, कुछ लोग निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं और इस तरह के मामलों में अक्सर राजनीतिक दबाव या अन्य कारणों से कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दिए जाने की बात कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि गरियाबंद जिले में नशीली दवाओं का अवैध कारोबार एक गंभीर समस्या है जो छोटे कस्बों और गांवों तक फैली हुई है। इसलिए, प्रशासन और विभाग की यह जिम्मेदारी है कि इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। जनता से भी अपील की गई है कि वे अवैध नशीली दवाओं की बिक्री या भंडारण की जानकारी तुरंत विभाग या पुलिस को दें।