WhatsApp Group

छत्तीसगढ़ के MCB जिले में पंडो जनजाति के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रहा है आधार कार्ड की अनिवार्यता
छत्तीसगढ़ के MCB जिले में पंडो जनजाति के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रहा है आधार कार्ड की अनिवार्यता

पंडो जनजाति के बच्चों का शिक्षा से वंचित होना

छत्तीसगढ़ के मCB जिले में पंडो जनजाति के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है, और इसका मुख्य कारण है आधार कार्ड की अनुपलब्धता। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस जनजाति के बच्चों को स्कूल में नामांकन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड की अनिवार्यता के चलते शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।

यह स्थिति उन बच्चों के लिए बेहद चिंताजनक है, जो शिक्षा के अधिकार से वंचित हैं। पंडो जनजाति, जो कि एक अनुसूचित जनजाति है, पहले से ही कई सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। अब आधार कार्ड की अनिवार्यता ने उनके लिए शिक्षा के दरवाजे और भी बंद कर दिए हैं।

आधार कार्ड की आवश्यकता और शिक्षा का अधिकार

भारत में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सभी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। हालांकि, आधार कार्ड की अनिवार्यता ने इस अधिकार को प्रभावित किया है। कई बच्चे, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, आधार कार्ड प्राप्त करने में असमर्थ हैं, जिससे उनकी शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

इसे भी पढ़ें  46वीं जवाहर लाल नेहरु राष्ट्रिय विज्ञान,गणित और पर्यावरण प्रदर्शनी में बाल वैज्ञानिक होंगे वैज्ञानिकों से रु-ब-रु

समाज और सरकार की जिम्मेदारी

यह स्थिति न केवल पंडो जनजाति के बच्चों के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षा के बिना, ये बच्चे अपने भविष्य के लिए अवसरों से वंचित रह जाएंगे। सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और ऐसे उपाय करें, जिससे सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके, भले ही उनके पास आधार कार्ड हो या न हो।

इस मुद्दे पर चर्चा और समाधान की आवश्यकता है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, और सभी को समान अवसर मिल सकें।

Leave a comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *