बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की राशि दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सिविल लाइंस पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये ठग बाइक बदल-बदल कर शहर के अलग-अलग इलाकों में लोगों को अपना शिकार बनाते थे।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम (Modus Operandi)
यह गिरोह मुख्य रूप से भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाता था। आरोपी पीड़ितों को झांसा देते थे कि वे उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की रुकी हुई राशि तत्काल दिला देंगे। ठगों का कहना होता था कि यदि अभी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो योजना निरस्त हो जाएगी। इसके बाद, ‘अमानत’ या सिक्योरिटी के तौर पर वे पीड़ितों से सोने-चांदी के जेवरात और नगद राशि ले लेते थे और फरार हो जाते थे।
CCTV फुटेज से खुले राज
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने जांच तेज की। थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले।
- फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्ति पैशन प्रो मोटरसाइकिल (CG-10-BY-9201) से आते-जाते दिखे।
- हुलिए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दीनदयाल कॉलोनी के रामप्रसाद यादव और जितेन्द्र यादव को हिरासत में लिया।
- कड़ी पूछताछ में उन्होंने जानकी भट्ट, उषा साहू, अगमदास टंडन और शांति बाई यादव से ठगी करना स्वीकार किया।
जब्त सामान और आरोपियों का विवरण
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ठगी का माल बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे ठगे गए जेवरातों को गनियारी निवासी कन्हैया सोनी के पास गिरवी रखते थे।
- जब्त मशरुका: ₹2,56,000 कीमत के सोने-चांदी के जेवरात।
- नगद राशि: ₹4,500।
- वाहन: वारदात में इस्तेमाल पैशन प्रो मोटरसाइकिल।
गिरफ्तार आरोपी:
- रामप्रसाद यादव (निवासी दीनदयाल कॉलोनी)
- जितेन्द्र यादव (निवासी दीनदयाल कॉलोनी)
- कन्हैया सोनी (सुनार, निवासी गनियारी – जेवर खरीदने/गिरवी रखने का आरोपी)
बिलासपुर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना के नाम पर अज्ञात व्यक्तियों को अपनी मेहनत की कमाई या जेवरात न सौंपें।











