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151 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा: विधायक भावना बोहरा का छत्तीसगढ़ के लिए आशीर्वाद
151 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा: विधायक भावना बोहरा का छत्तीसगढ़ के लिए आशीर्वाद

151 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा: विधायक भावना बोहरा का छत्तीसगढ़ के लिए आशीर्वाद151 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा: विधायक भावना बोहरा का छत्तीसगढ़ के लिए आशीर्वाद

छत्तीसगढ़ की विधायक भावना बोहरा इन दिनों एक अद्भुत यात्रा पर निकली हुई हैं। यह कोई साधारण यात्रा नहीं, बल्कि 151 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा है, जो अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक जारी है। यह यात्रा सिर्फ़ शिव भक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि और जनकल्याण की कामना का भी प्रतीक है।

घने जंगल, उबड़-खाबड़ रास्ते और चुनौतियाँ

इस यात्रा में विधायक बोहरा को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। घने जंगल, उबड़-खाबड़ रास्ते और उफनती नदियाँ – ये सब इस यात्रा का हिस्सा हैं। तीसरे दिन तो वनग्राम महमाई में आई बाढ़ ने यात्रा को कुछ देर के लिए रोक दिया था। लेकिन, विधायक बोहरा और उनके साथ चल रहे लगभग 300 कांवड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी और नदी की पूजा-अर्चना करने के बाद यात्रा फिर से शुरू कर दी। यह दृढ़ता और आस्था का एक अद्भुत उदाहरण है।

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डॉ. रमन सिंह का आशीर्वाद

इस पुण्य यात्रा को लेकर विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वयं भावना बोहरा से बात की और सभी कांवड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस आध्यात्मिक प्रयास को जन आस्था और सेवा का प्रतीक बताया। यह दिखाता है कि कैसे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर, सभी लोग इस तरह के पवित्र कार्यों का समर्थन कर सकते हैं।

जनता का अपार प्यार और समर्थन

यात्रा के दौरान, भावना बोहरा और उनके साथ चल रहे कांवड़ियों का जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं, युवा मोर्चा, विभिन्न हिन्दू संगठनों और स्थानीय शिवभक्तों ने उनका पुष्प वर्षा और उत्साह से अभिनंदन किया। यह दिखाता है कि जनता के बीच उनका कितना सम्मान और प्रेम है। यह प्रेम ही उनकी इस कठिन यात्रा की सबसे बड़ी ताकत है।

एक प्रेरणादायक यात्रा

विधायक भावना बोहरा ने कहा, “यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, जनभावनाओं और शिवभक्ति का उत्सव है। माँ नर्मदा के जल के साथ हम भगवान भोलेनाथ के चरणों में छत्तीसगढ़ के सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं।” उन्होंने सभी ग्रामवासियों, शिवभक्तों और कार्यकर्ताओं के आत्मीय स्वागत के लिए आभार जताया। यह यात्रा न सिर्फ धार्मिक, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन गई है। भावना बोहरा और उनके साथ चल रहे कांवड़िए नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा हैं – कि श्रद्धा हो, संकल्प हो, और साथ हो, तो हर बाधा पार की जा सकती है।

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