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मुख्यमंत्री श्री साय का कलेक्टर्स को निर्देश: जनता की सेवा हो सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री साय का कलेक्टर्स को निर्देश: जनता की सेवा हो सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 8 घंटे लंबी कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर आम जनता के हितों को केंद्र में रखकर संवेदनशीलता के साथ काम करें। शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिए मिशन मोड पर जुट कर काम करें।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को दिए ये निर्देश:

  • जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान: मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टरों को जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना चाहिए। शासन और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।
  • फ्लैगशिप योजनाओं का क्रियान्वयन: फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • कलेक्टरों के प्रदर्शन की समीक्षा: कलेक्टरों के प्रदर्शन की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी और जिलों की रैंकिंग तय की जाएगी।
  • राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण: राजस्व मामलों का समय सीमा में निराकरण किया जाए।
  • भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता: भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
  • पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन: इन योजनाओं का क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए।
  • शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार: शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जाए, स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
  • मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन: ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के माध्यम से अधिकतम रोजगार के अवसर सृजित किए जाएँ।
  • जल संरक्षण पर फोकस: जल संचय के कार्यों को बढ़ावा दिया जाए। नए तालाब बनाए जाएँ। अमृत सरोवर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।
  • स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो, निजी अस्पतालों में भी आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने में कोई दिक्कत न आए।
  • कुपोषण दूर करने पर ध्यान: कुपोषण दूर करने के लिए सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
  • शहरी क्षेत्रों में विकास कार्य: शहरी क्षेत्रों में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के क्रियान्वयन, पेयजल, सीवरेज सिस्टम साफ-सफाई के काम पर पूरा फोकस रखें।
  • वनाधिकार पत्रों के आवेदनों पर तेजी: वनाधिकार पत्रों के आवेदनों पर तेजी से काम करें।
  • पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता: पीडीएस व्यवस्था की हर स्तर पर बारीक मॉनिटरिंग जरूरी है।
  • सुशासन एवं अभिसरण विभाग का प्रभावी उपयोग: सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। आम आदमी की शिकायतों को हल करने का बेहतर तंत्र बनाएं।
  • रोजगार सृजन पर ध्यान: रोजगार सृजन सबसे महत्वपूर्ण है। जिले में उपलब्ध संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुसार स्किल डेवलपमेंट के लिए कार्य हों।
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन का समय पर भुगतान: वंचित तबके के जीवन का आधार पेंशन की राशि होती है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • नशामुक्ति अभियान: प्रत्येक जिले में नशामुक्ति केन्द्र की स्थापना कर विशेष अभियान चलाएं।
  • बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन: बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया जा रहा है। दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी इसमें खेल प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
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यह कॉन्फ्रेंस राज्य में बेहतर प्रशासन और जनता की सेवा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

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