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Lambda Variant Covid
Lambda Variant Covid
  • WHO ने ‘लैम्ब्डा’ को घोषित किया ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’

36Khabar: दुनियाभर में कोरोना संक्रमण पिछले डेढ़ साल से कहर बरपा रहा है। नोवेल कोरोनावायरस का कहर अब भी जारी है और हर रोज हजारों की संख्या में अब भी मामले आ रहे हैं।  COVID का स्ट्रेन लैम्ब्डा वेरिएंट है जो मूल रूप से पेरू में खोजा गया था और यूनाइटेड किंगडम में रिपोर्ट किया गया है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, ‘वायरस लगातार म्टूटेशन के जरिए अपना स्वरूप बदल रहा है और अभी इसके तमाम वेरिएंट आने की उम्मीद है। 

कोरोना की आई दो लहरों में अब तक 17 करोड़ 79 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं 38 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।

हाल ही में वैज्ञानिकों ने कोरोना के डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि की थी, जिसे कई मामलों में खतरनाक माना जा रहा है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना के एक और नए वेरिएंट के बारे में सूचित किया है। डब्ल्यूएचओ ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में बताया है कि कोरोना के नए वेरिएंट ‘लैम्ब्डा’ के बारे में पता चला है। करीब 29 देशों ने लैम्ब्डा वेरिएंट के पाए जाने की सूचना दी है। इस वेरिएंट की उत्पत्ति दक्षिण अमेरिका में मानी जाती है।

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वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट का क्या मतलब है?

डब्ल्यूएचओ ने लैम्ब्डा वेरिएंट को ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ के रूप में वर्गीकृत किया है। इसका मतलब है कि इसे वेरिएंट ऑफ कंसर्न के रूप में  वर्गीकृत करने से पहले स्वास्थ्य संगठन इस वेरिएंट की प्रकृति और संक्रामकता शक्ति की निगरानी करता रहेगा। दुनियाभर में इसके तेजी से फैलने के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य संगठन ने इसे ‘वेरिएंट ऑफ कंसर्न’ की रूप में लेवल किया।

क्या है कोरोना का डेल्टा वेरिएंट

दूसरी लहर में कोरोना की गंभीर संक्रामकता के कारणों का पता लगा रहे विभिन्न भारतीय संस्थानों के वैज्ञानिकों की एक टीम ने हाल ही में डेल्टा वेरियंट (बी.1.617.2) के बारे में लोगों को सूचित किया। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्ष में पाया गया है कि डेल्टा वेरियंट (बी.1.617.2) अन्य वेरियंट्स की तुलना में काफी अधिक संक्रामक हैं। अल्फा वेरियंट की तुलना में इसका ट्रांसमिशन भी 50 फीसदी से अधिक होने का अनुमान है। इसके अलावा अल्फा की तुलना में डेल्टा वेरियंट का वायरल लोड भी अधिक पाया गया है। ताजा अपडेट में बताया गया है कि डेल्टा वेरिएंट कुछ म्यूटेशन के साथ ‘डेल्टा प्लस’ (AY.1) वेरिएंट में बदल गया है।

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लैम्ब्डा के लक्षण

इस बीच ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने नए वेरिएंट से बचाव को लेकर लोगों के लिए इसके लक्षणों की एक सूची जारी की है।

  • बुखार की समस्या
  • लगातार खांसी आना
  • गंध और स्वाद न आना

विशेषज्ञों के अनुसार, इनमें से किसी भी संक्रमित व्यक्ति में कोई न कोई एक सिम्टम्स दिख सकता है।

लैम्ब्डा से बचाव

इसके अलावा, सोशल, डिस्टेंसिंग और डबल मास्किंग बेहद जरूरी है। साफ-सफाई का खास ध्यान रखें और जितनी जल्दी हो सके खुद को टीका लगवाएं। अपनी दोनों टीके की खुराक प्राप्त करना सुनिश्चित करें।

हो सकता है अधिक संक्रामक

डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस में म्यूटेशन के कारण लैम्ब्डा वेरिएंट सामने आया है। अपेक्षाकृत अधिक संक्रामक होने के साथ इसकी एंटीबॉडीज रेजिस्टेंस भी अधिक हो सकती है। फिलहाल इस बात की पुष्टि करने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, लैम्ब्डा वेरिएंट को बेहतर ढंग से समझने के लिए और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।

​कितनी प्रभावी है वैक्सीन की डोज?

लैम्ब्डा वेरिएंट कितना गंभीर और संक्रामक हो सकता है, साथ ही वैक्सीन इस पर कितनी असरदार होगी, इस बारे में जांच के बाद ही स्पष्ट कहा जा सकता है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) का कहना है कि दो वैक्सीन का डोज लेने पर अब भी संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती होने को जोखिम से बच सकते हैं। यानि पीएचई कोविड टीकों को प्रभावी मानती हैं।

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स्रोत और संदर्भ: World Heath Organisation

अस्वीकरण नोट: यह लेख विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की साप्ताहिक रिपोर्ट में दी गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं।

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