छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के कोटा ब्लॉक के आदिवासी क्षेत्र ग्राम पंचायत चुरेली में मनरेगा योजना से बने कुंआ ने एक गरीब किसान परिवार बिरसिया की जिंदगी संवार दी है।
बिरसिया के पास लगभग 2.5 एकड़ उपजाऊ भूमि है, लेकिन पानी की कमी के कारण वे सिर्फ 1 से 1.15 एकड़ भूमि में ही फसल उगा पाते थे।
ग्राम रोजगार सहायक ने उन्हें कुंआ निर्माण का सुझाव दिया जिससे उन्हें हर मौसम में पानी की समस्या का समाधान मिल सकता था।
बिरसिया ने मनरेगा योजना के तहत कुंआ निर्माण के लिए आवेदन किया और 387 मानव दिवस कार्य से कुंआ तैयार हो गया।
कुंआ बनने के कुछ समय बाद ही पानी भरना शुरू हो गया और बिरसिया को बारह महीने पानी की समस्या का समाधान मिल गया।
अब बिरसिया पूरे 2 एकड़ भूमि में फसल उगाते हैं और दो फसलें भी लेते हैं। उनकी आमदनी में भी बढ़ोत्तरी हुई है और घर की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
मनरेगा योजना के द्वारा बने इस कुंआ से आसपास के 8 से 10 परिवार भी पीने का पानी लेते हैं। बिरसिया ने घर में ही बाड़ी भी बनाई है जिससे उन्हें सब्जियां भी मिल जाती हैं।
बिरसिया कहते हैं कि जब भी वे कुंआ में भरे पानी को देखते हैं तो उन्हें खुशी होती है कि उनकी खाली पड़ी भूमि में अब फसल लहलहा रही है।