5152B748C12D9F5DE3C280803BF1B97A, पौनी पसारी योजना से स्वसहायता समूह हो रहे लाभावन्वित, राज्योत्सव में नगरीय प्रशासन के इस स्टाल में लोग सुपा, टोकरी,ढोकरा आर्ट और बांस से बने सामान खरीदारी कर रहे
5152B748C12D9F5DE3C280803BF1B97A, पौनी पसारी योजना से स्वसहायता समूह हो रहे लाभावन्वित, राज्योत्सव में नगरीय प्रशासन के इस स्टाल में लोग सुपा, टोकरी,ढोकरा आर्ट और बांस से बने सामान खरीदारी कर रहे

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में रोजगार के प्रयास सभी क्षेत्रों में किये हैं. छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य उद्देश्य है गाँवों को स्वालंबन के माध्यम से मजबूत आर्थिक स्थिति का प्रमुख स्तम्भ बनाना. इसके लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी का योजना ला कर प्रदेश के गाँवों को स्व नेतृत्व से उठान और बढाने के लिए कार्य कर रही है. पौनी पसारी योजना के माध्यम से गाँव में स्व सहायता समूह बना कर महिलाओं को छोटे – छोटे व्यवसाय के मध्य से आगे बढाने का प्रयत्न किया जा रहा है.

 छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के उपलक्ष्य पर रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में नगरीय प्रशासन विभाग के स्टॉल में ‘पौनी-पसारी‘ बाजार में खरीददारों का जन सैलाब उमड़ पड़ा. वहीं बाजार लोगों के आकर्षक का केन्द्र बना रहा. स्टॉल में राज्य सरकार की पौनी-पसारी योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए सूपा, चरहिया, टूकना, कुम्हारी समान, मिट्टी के बर्तन, सो पिस, लोहे के कलाकृति, ढोकरा कला, बांस कला, पारंपरिक गहनों की खूब बिक्री हो रही है. साथ ही लोगों को खूब पसंद भी आ रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा देने और ऐसे व्यवसाय से जुडे़ कारीगरों और उनके परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत पौनी-पसारी योजना शुरू की गई है. साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव में विभिन्न विभागों का स्टॉल लगाया गया है. पौनी-पसारी योजना के तहत पारंपरिक व्यवसाय जैसे मिट्टी के बर्तन आदि, चमड़े की व्यवसाय, लोहे की पारंपरिक कलाकृति, डालड़ा की गहनें आदि की बिक्री स्टॉल में हो रही है. इसके अलावा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा महिला स्व सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और प्रचार-प्रसार के लिए अनके स्टॉल लगाए गए हैं. इनमें नगर निगम दुर्ग, बैकुण्ठपुर (कोरिया), रायपुर सहित नगर पालिका परिषद, डोंगरगढ़, खैरागढ़, चाम्पा के महिला समूहों द्वारा फिनाईल, बर्तन धोने का लिक्विड, सेवई, आचार, पापड, जूट की बैग, बुटिक कपड़े की स्टॉल लगायी गई. जिसे लोगों द्वारा खरीदी की जा रही है.   

इसे भी पढ़ें  नाले की तस्वीर बदली तो किसानों की तकदीर बदल गई : नर्मदा नाले में अब होने लगा है पांच-छह फीट पानी का भराव

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *