चलने फिरने में अशक्त, कमजोरी महसूस कर रहे बुजुर्गों के लिए राहत देने वाली पहल साबित हो रही

दुर्ग 07 मई 2021

हितग्राही 1- भिलाई निवासी एसआर पाणीग्रही को टीका लगवाने उनके पोते लेकर आये। उन्होंने कहा कि दुर्ग में ड्राइव इन वैक्सीनेशन के बारे में सुना। ऐसा तो देश में मुंबई में ही होने के बारे में सुना था। अपने शहर में भी इस तरह की सुविधा मिल सकती है यह जानकर अच्छा लगा। मेरे दादा जी को पैरालिसिस है चलने फिरने में दिक्कत है। देखिये उनको गाड़ी से उतरना भी नहीं पड़ा, दो मिनट के भीतर ही टीका लग गया। आपकी व्यवस्था बहुत अच्छी है।
हितग्राही 2- दुर्ग के श्री आलोक वर्मा अपनी पत्नी के साथ दूसरा डोज लगवाने पहुँचे। उन्होंने कहा कि व्यवस्था बहुत अच्छी है। मैं जिला प्रशासन और भिलाई निगम की प्रशंसा करता हूँ जिन्होंने यह पहल की। इस पहले से सोशल डिस्टेंसिंग को बनाये रखने में भी सहायता मिली है और बुजुर्गों को देर तक इंतजार करने से निजात मिली है।
हितग्राही 3- नेहरू नगर की रिटायर्ड प्रोफेसर श्रीमती वेदवती मंडावी अपना दूसरा डोज लगवाने पहुँची। उन्होंने कहा कि कोरोना का दूसरा टीका लगाने का वक्त आ गया था। कल जैसे ही अपने शहर में भी ड्राइव इन वैक्सीनेशन की सुविधा आरंभ होने का सुना तो मन बहुत प्रसन्न हो गया और आज ही टीका लगवाने पहुँच गई।
      ड्राइव इन वैक्सीनेशन के दूसरे दिन कई ऐसे बुजुर्ग टीके लगवाने पहुँचे जो गंभीर दिक्कतों का सामना कर रहे थे। कुछ पैरालिसिस की वजह से चलने फिरने में दिक्कत महसूस कर रहे थे और कुछ आर्थोपैडिक समस्याओं की वजह से चलने फिरने में असमर्थ थे। ऐसे बुजुर्ग जब आज ड्राइव इन वैक्सीनेशन अभियान अंतर्गत टीका लगाने पहुँचे तो उन्होंने हेल्थकर्मियों को बहुत दुआ दी। बुजुर्गों ने कहा कि हमारे बच्चे बहुत चिंतित थे कि कैसे हमें टीके लग पाएंगे। चूँकि टीका घर जाकर लगवाया नहीं जा सकता इसलिए हमारे पास भी मायूसी के अलावा कोई विकल्प नहीं था। जब ड्राइव इन वैक्सीनेशन के बारे में सुना तो बहुत अच्छा लगा। आप लोगों ने इतनी जल्दी टीका लगा दिया कि पता ही नहीं चला।
जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधा उपलब्ध- ड्राइव इन वैक्सीनेशन की यह सुविधा जिले के सभी नागरिकों के लिए है। आज भी बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक वैक्सीन लगवाने पहुँचे। दोपहर तीन बजे तक 174 लोगों को टीका लगाया जा चुका था। टीका लगाये जाने के बाद आधे घंटे तक रेस्ट करने के बाद ही इन्हें जाने दिया जाता है। यहाँ पर मेडिकल टीम पूरे समय मौजूद रहती है तथा आधे घंटे बाद निश्चिंत हो जाने के बाद हितग्राहियों को जाने की अनुमति दे देती है।
क्रमाक 515

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Source: http://dprcg.gov.in/