फसल बीमा की तिथि 31 जुलाई 2021 तक बढ़ी

शासन के द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2021 के तहत फसल बीमा कराने की तिथि में वृद्धि करते हुए 31 जुलाई 2021 बढ़ा दी गई है। जिन किसानों ने अब तक फसल बीमा नहीं कराया है, वे अब 31 जुलाई तक बीमा करा सकते हैं। कोविड-19  महामारी के कारण कई क्षेत्रों में किसानों फसल बीमा नहीं करा पाये थे। जिसके कारण छत्तीसगढ़ शासन के अनुरोध पर फसल बीमा की तिथि में वृद्धि करते हुए 31 जुलाई तक की गई है। कृषि विभाग के सहायक संचालक राकेश शर्मा ने बताया कि किसानों के द्वारा सेवा सहकारी समितियों, बैंक शाखाओं एवं लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से फसल बीमा कराया गया है।

जिले में अब तक एक लाख 2 हजार 244 किसानों के द्वारा कुल एक लाख 31 हजार 179 हेक्टेयर रकबे में फसलों का बीमा कराते हुए पोर्टल में एन्ट्री कर ली गई है तथा बाकि बीमित कृषकों की जानकारी पोर्टल में बैंकों के द्वारा एन्ट्री की जा रही है। मौसम की अनिश्चिता को देखते हुए अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं, ताकि प्रकृति के विपरीत परिस्थितियों में हानि एवं क्षति होने पर वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके। बीमा हेतु प्रीमियम राशि दर-योजना के तहत खरीफ फसलों के लिये 2 प्रतिशत कृषक प्रीमियम राशि निर्धारित है, जिसके अनुसार कृषक द्वारा देय प्रीमियम राशि 900 रूपए धान सिंचित एवं 770 रूपए धान असिंचित हेतु प्रति हेक्टेयर है।

इसी प्रकार कृषक द्वारा सोयाबीन फसल के लिये 720 रूपए तथा अरहर के लिये 580 रूपए प्रति हेक्टेयर की दर से देय होगा। बीमा कराने के लिये आवश्यक दस्तावेज-ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक, सहकारी समिति द्वारा अनिवार्य रूप से किया जाएगा, उन्हें केवल घोषणा एवं बुवाई प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। अऋणी कृषकों को बैंक, सहकारी समिति एवं लोक सेवा केन्द्र में बीमा प्रस्ताव फार्म, नवीनतम आधारकार्ड, बैंक पासबुक, भू-स्वामित्व साक्ष्य (बी-1 पांचसाला), किरायदार, साझेदार कृषक का दस्तावेज, बुवाई प्रमाण पत्र एवं घोषणा पत्र प्रदाय कर 31 जुलाई 2021 तक बीमा करा सकते हैं। अधिक जानकारी हेतु अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क करें।

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