बिलासपुर। आय से अधिक सम्पति व राजद्रोह से जुड़े एफआईआर को निरस्त करने के लिए आईपीएस जीपी सिंह द्वारा लगाई गई याचिका पर आज दो घंटे की बहस के बाद फैसले के लिए याचिका सुरक्षित रख ली गई। राजद्रोह व आय से अधिक सम्पति के मामले में एफआईआर के बाद आईपीएस सिंह पहले सुप्रीम कोर्ट गए थे। पर वहां से राहत न देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को हाइकोर्ट को स्थानांतरित कर दिया था।
हाईकोर्ट में आज हुई दो घण्टे की सुनवाई में उनके अधिवक्ता आशुतोष पांडेय ने तर्क दिया कि आईपीएस पर कार्यवाही से पहले DOPT से अनुमति ली जाती है। तो वही शासन की ओर से कहा गया कि जीपी सिंह के मामले में ऐसी अनुमति लेने की बाध्यता नहीं है। जीपी के अधिवक्ता ने मामले की अंतिम सुनवाई तक कार्यवाही पर स्टे देने का आग्रह किया। सुनवाई जस्टिस रजनी दुबे की अदालत में हुई। दोनो पक्षो के तर्क सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया हैं।
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