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भिंडी, बैंगन की सामूहिक खेती कर जानकी समूह की दीदियां कमा रही आजीविका
भिंडी, बैंगन की सामूहिक खेती कर जानकी समूह की दीदियां कमा रही आजीविका

कोरिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना के तहत समूह के रूप में सब्जी उत्पादन की आजीविका से विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम लोहारी के जानकी स्वसहायता समूह की महिलाओं को आजीविका का साधन तो मिला ही है, प्रतिमाह 4 हज़ार से 5 हज़ार प्रत्येक सदस्य को आमदनी भी हो रही है।
जिले के विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम पंचायत लोहारी मे जानकी महिला स्व सहायता समूह की दीदी ने बताया कि समूह का गठन 09 जनवरी 2018 को हुआ था, वर्तमान में समूह में कुल 12 सदस्य है। सभी सदस्यों का प्रमुख आजीविका का साधन कृषि है।

समूह के द्वारा सब्जी उत्पादन की आजीविका की शुरुआत के लिए बैंक लोन लिया गया। 1 लाख रुपये की राशि से समूह की महिलाओं ने सामूहिक सब्जी की खेती की शुरूआत की। आज एक ही जगह में लगभग 6 से 8 एकड़ भूमि में भिंडी एवं भाटे की खेती किया जा रहा है। इस आजीविका से प्रति सदस्य की मासिक आय लगभग 4 हजार से 5 हजार रूपये प्राप्त हो जाते है। जिनसे वे अपने और अपने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करने में सक्षम हुई है। बिहान योजना महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने की एक योजना है। स्व सहायता समूह के रूप में संगाठित कर उन्हें क्षमतावर्धन आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर स्वरोजगार प्रदान किया जा रहा है। आज महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना से जुड़कर स्वरोजगार की ओर अग्रसर होकर अपने सपने को साकार कर रही हैं।

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