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मुंगेली, छत्तीसगढ़ में एक अनोखी पहल ने पर्यावरण संरक्षण और मित्रता के भाव को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। स्टार्स ऑफ टुमॉरो वेलफेयर सोसाइटी ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहार हरेली और मित्रता दिवस को एक अभिनव तरीके से मनाया, जिसने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

इस विशेष दिन पर, संस्था के सदस्यों ने न केवल विभिन्न प्रजातियों के 20 पौधे लगाए, बल्कि उन्हें फ्रेंडशिप बेल्ट भी पहनाई। यह कार्यक्रम संस्था के “हरियर मुंगेली-सुघ्घर मुंगेली” अभियान के आठवें वर्ष का हिस्सा था, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का एक सराहनीय प्रयास है।

नीम, कदम, और बादाम जैसे पौधों को चुनकर, संस्था ने स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व को उजागर किया। इन पौधों को मित्रता का प्रतीक बनाकर, उन्होंने एक गहरा संदेश दिया कि प्रकृति हमारी सबसे अच्छी मित्र है।

संस्था के सचिव विनोद यादव ने इस अवसर पर एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा, “वृक्ष केवल हमारे पर्यावरण को शुद्ध नहीं करते, वे हमारे सच्चे मित्र भी हैं। जैसे एक अच्छा दोस्त निस्वार्थ भाव से मदद करता है, वैसे ही ये पेड़-पौधे हमें ऑक्सीजन, छाया, फल, और एक स्वस्थ वातावरण प्रदान करते हैं।”

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गौरव जैन, संस्था के एक वरिष्ठ सदस्य, ने पौधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक रोचक तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि पौधों का मौसम पर सीधा प्रभाव पड़ता है। “अगर पौधे नहीं होंगे, तो बारिश भी नहीं होगी,” उन्होंने जोर देकर कहा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मानसून में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।

इस कार्यक्रम ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि लोगों को प्रकृति के साथ एक गहरा रिश्ता बनाने के लिए भी प्रेरित किया। संस्था के संयोजक रामपाल सिंह, सह संयोजक रामशरण यादव, और अध्यक्ष महावीर सिंह सहित पूरी टीम ने इस अभिनव पहल में भाग लिया।

यह पहल मुंगेली शहर में पिछले सात वर्षों से चल रहे पर्यावरण संरक्षण अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के प्रयासों से न केवल स्थानीय पर्यावरण में सुधार होगा, बल्कि यह अन्य शहरों और संगठनों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।

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इस तरह के अभिनव कार्यक्रमों से युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे भविष्य में इस तरह के और भी रचनात्मक तरीके खोजेंगे पर्यावरण संरक्षण के लिए। यह पहल दर्शाती है कि कैसे पारंपरिक त्योहारों और आधुनिक चिंताओं को एक साथ जोड़कर एक सार्थक संदेश दिया जा सकता है।

 

 

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