छत्तीसगढ़ राज्य गठन के उपलक्ष्य में आयोजित पांच दिवसीय राज्योत्सव के तीसरे दिन संस्कृतिक कार्यक्रम में 10 वर्षीय बालिका के गीत ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कक्षा 6वीं की छात्रा आरू साहू ने छत्तीसगढ़ी वंदना गीत ‘‘अरपा पैरी की धार, महानदी हे अपार‘‘ और ‘‘पंथी गीत‘‘ एवं ‘‘धनी बिना जग लागे सून्ना रे‘‘ गीत गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया.

सांस्कृतिक संध्या में सेक्सोफोन धुन सुनकर लोग झूम उठे. सेक्सोफोन बजते ही राज्योत्सव के मैदान से लोग सांस्कृतिक मंच की ओर जाने विवश हो गए और सांस्कृति कार्यक्रम से बाहर निकलने वाले लोग पुनः वापस जाकर सेक्सोफोन सुनने बैठ गए. सेक्सोफोन में ‘‘अरपा पैरी के धार, महानदी हे आपार‘‘ सहित फिल्मी और छत्तीसगढ़ी गीतों की धुन सेक्सोफोन कलाकार श्री निलेश, श्री सुनील कुमार, श्री विजेन्द्र पिन्टू एवं साथियों द्वारा प्रस्तृति दी गई.

राज्योत्सव की सांस्कृतिक संध्या में बिलासपुर की निलिमा मोईत्रा ने कठपुतली नृत्य के माध्यम से बड़े ही रोचक ढंग से बेटी-बचाओं, बेटी-पढ़ाओं, स्वच्छता अभियान, राउत नाचा एवं छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किया.

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कठपुतली कार्यक्रम को दर्शकों ने काफी सराहा. भिलाई के रिखी छत्री एवं साथियों ने लोक-मंच के माध्यम से कर्मा नृत्य, कोकई कांटा गीत पर अपनी प्रस्तुति दी. धमधा के श्री घनश्याम ठाकुर ने कर्मा नृत्य, सरगुजा के श्री बसंत राम ने लोहाटी बाजा, श्री राकेश शर्मा एवं साथियों ने कबीर भजन एवं सुफी गायन, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के विद्यार्थियों ने ताल कचहरी और रायगढ़ के श्री मोहम्मद आरीफ ने गिटार वादन प्रस्तुत किया.

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